हाघपत और सनाहिन मठ परिसर
अवधि 9-10 घंटे। यह यात्रा सुंदर प्राकृतिक दृश्यों और यूनेस्को विरासत स्थलों से भरपूर है, जो इसे हमारे पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्यों और अवश्य घूमने योग्य स्थानों में से एक बनाती है।
इस टूर के बारे में
अवधि 9-10 घंटे।
यह यात्रा सुंदर प्राकृतिक दृश्यों और यूनेस्को विरासत स्थलों से भरपूर है, जो इसे हमारे पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्यों और अवश्य घूमने योग्य स्थानों में से एक बनाती है।
यात्रा कार्यक्रम
1 पड़ाव 1 हाघपत
हघबात सनाहिन के पास स्थित है और यह अनेक चर्चों तथा धार्मिक और लौकिक इमारतों वाला एक विशाल मठ परिसर है। पहला चर्च, सुरब निशान, 976 में बनाया गया था। आर्मेनिया का सबसे बड़ा पुस्तकालय हघबात में पाया गया था, जहाँ पुस्तकों को सुरक्षित रखने का एक विशेष तरीका था। उन्हें दीवारों के छिद्रों में रखा जाता था, और उनके साथ खुली अवस्था में शराब रखी जाती थी ताकि नमी पांडुलिपियों को खराब न कर सके। हघबात सदियों से आर्मेनियाई इतिहास, संस्कृति और शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
2 पड़ाव 2 सानाहिन
10वीं शताब्दी में स्थापित, सनाहिन मठ परिसर बगरातुनी वंश के काल से संबंधित है। पहला चर्च, सुरब अस्त्वात्सात्सिन, 51 में बनाया गया था। मठ में पाँच चर्च, एक पुस्तकालय, एक घंटाघर, एक अकादमी और एक शाही समाधि है। वैसे, आर्मेनिया की सबसे पुरानी अकादमी यहीं स्थित है। हाघबत के साथ, सनाहिन यूनेस्को के वैश्विक संरक्षण में शामिल किए जाने वालों में सबसे पहले स्थानों में था।
क्या शामिल है
- परिवहन